शुरू हुआ जालंधर का सबसे बड़ा सोढल मेला , जानिए पूरी कहानी और मेले की ट्रैफिक व्यवस्था के साथ साथ अपनाए यह सुझाव,तो नही होगी कोई परेशानी…


 

शुरू हुआ जालंधर का सबसे बड़ा सोढल मेला , जानिए पूरी कहानी और मेले की ट्रैफिक व्यवस्था के साथ साथ अपनाए यह सुझाव,तो नही होगी कोई परेशानी…

Mbd webnews जालंधर  (सुमेश शर्मा, मनीष भट्टी) जालंधर शहर में भादों के महीने में शुक्ल पक्ष के 14वें दिन हर साल बाबा सोढल मेला आयोजित किया जाता है। पंजाब में मनाए जाने वाले मेलों की सूची में इनका प्रमुख स्थान है। मेला बाबा सोढल की महान आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित किया जाता है।

देश विदेश से लाखों श्रद्धालु इस मेले में सोढल बाबा के दर्शन करने आते हैं। सोढल मंदिर में प्रसिद्ध ऐतिहासिक सोढल सरोवर है जहां सोढल बाबा की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। श्रद्धालु इस पवित्र सरोवर के जल से अपने ऊपर छिड़काव करते हैं और चरणामृत की तरह पीते हैं। इस दिन देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा सोढल के दर्शन करने आते हैं। मेले से 2-3 दिन पहले शुरू होने वाली भक्तों की भीड़ मेले के बाद भी कई दिन तक लगातार बरकरार रहती है।

मेले से जुड़ी है यह कहानी

बाबा सोढल का जन्म जालंधर शहर में चड्ढा परिवार में हुआ था। सोढल बाबा के साथ कई कहानियां जुड़ी हुई हैं। कहते हैं कि जब सोढल बाबा बहुत छोटे थे वह अपनी माता के साथ एक तालाब पर गए। माता कपड़े धोने में व्यस्त थीं और बाबा जी पास ही में खेल रहे थे। तालाब के नजदीक आने को लेकर माता ने बाबा को कई बार टोका और नाराज भी हुईं। बाबा के न मानने पर माता ने गुस्से में उन्हें कोसा और कहा जा गर्क जा। इस गुस्से के पीछे माता का प्यार छिपा था। बाबा सोढल ने माता के कहे अनुसार तालाब में छलांग लगा दी। माता के अपने पुत्र द्वारा तालाब में छलांग लगाने पर विलाप शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद बाबा जी पवित्र नाग देवता के रूप में प्रकट हुए। उन्होंने चड्ढा और आनंद बिरादरी के परिवारों को उनके पुनर्जन्म को स्वीकार करते हुए मट्ठी जिसे टोपा कहा जाता है चढ़ाने का निर्देश दिया। इस टोपे का सेवन केवल चड्ढा और आनंद परिवार के सदस्य ही कर सकते हैं। इस प्रसाद का सेवन परिवार में जन्मी बेटी तो कर सकती है मगर दामाद व उसके बच्चों के लिए यह वर्जित है।

 

ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन द्वारा किये इंतजाम: जाने:-

श्री सिद्ध बाबा सोढल मेले को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार को रूट प्लान जारी कर दिया है। इस रूट प्लान में ट्रैफिक पुलिस ने 12 जगहों से रोड डायवर्ट किए हैं, जबकि श्रद्धालुओं के लिए 6 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की है। ट्रैफिक जाम न लगे, इसलिए हरेक डायवर्जन व पाॄकग प्वाइंट्स पर ट्रैफिक पुलिस की टीमें भी तैनात रहेंगी। सी.पी. गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 11 से 13 सितम्बर तक दोआबा चौक, किशनपुरा चौक, टांडा चौक, अड्डा होशियारपुर, चंदन नगर रेलवे क्रॉसिंग, न्यू सब्जी मंडी, इंडस्ट्री एरिया, पटेल चौक, राम नगर फाटक, रेलवे क्रॉसिंग टांडा फाटक, गाजी गुल्ला चौक व पठानकोट चौक से सारा ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। जबकि अन्य वाहनों के लिए लभ्भू राम दोआबा सीनियर सैकेंडरी स्कूल के ग्राऊंड, दोआबा चौक से श्री देवी तालाब मंदिर के दोनों साइड, थाना डिवीजन नंबर-1 की दोनों साइड, ग्रेन मार्कीट व सईपुर रोड पर मिनी सब्जी मंडी में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ज्यादा जानकारी के लिए ट्रैफिक पुलिस के हैल्पलाइन नंबर 0181-2227296, 1073 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

Mbd Web News से आग्रह करता है

1.मेले में जाते समय महिलाएं किसी तरह के आभूषण न पहन कर जाएं।इससे आप चोरो के टारगेट पर बनी रहती है।

2.मेले में जाने वाले सभी भक्त उतने ही पैसे लेकर चले जितने की उनको आवश्यकता हो,ज्यादा राशि देख कर भी आप चोर गिरोह का निशाना बना सकते है।वही कोशिश करे कि आप अपने जरूरी कागज पर्स में साथ लेकर न चले।

3.मेले में अपने बच्चों पर खास ध्यान दे। बच्चे के खो जाने पर तुरंत पास खड़े पुलिस अधिकारी या कंट्रोल रूम में सूचना दे।

4.इस वर्ष सोढल मंदिर कमेटी व नगर निगम द्वारा चलाई गई मुहिम जिसमें मेले में पॉलिथीन और थेर्मोकोल का उपयोग न करने का आग्रह किया है। तो घर जाते अपने साथ कोई जूट का थैला आदि जरूर रख ले। क्योंकि दुकानदार आपको सामान कागज के लिफाफे में ही देगा।

5.सोढल मंदिर तक पहुंचने वाले बहुत से मार्ग इन दिनों बन्द किये जाते है ताकि ट्रैफिक और मेला देखने आए भक्तो को परेशानी का सामना न करना पड़े। उसके आप भी इन नियमो की पालना करें

6.रोड पर जगह जगह लगे लंगर के पास नगर निगम ने बड़े बड़े कूड़ेदान लगाए है। लंगर खाने के बाद प्लेट ,पत्तल आदि कूड़ेदान में ही डाले ताकि बाकि आने वाले भक्तों को परेशानी न हो।

7.झूले देख बच्चे कई बार हर्ष से उतेजित होकर झूले के नजदीक चले जाते है जोकि उनके लिए खतरनाक हो सकता है तो पारवारिक बड़े सदस्य बच्चों पर खास ध्यान दे।

8.मेले में कोई शरारती युवक आपके साथ छेड़खानी करते है तो उनसे उलझने की जगह पुलिस प्रशासन को सूचित करें।

9.अपनी कार व बाइक को सुरक्षित जगह पर ही पार्क करे और इस बात का खास ध्यान दे कि गाडी में आपकी कोई कीमती वस्तु न छोड़े।

10.वही मेले वाली जगह पर कोई लवारिस वस्तु दिखे या फिर आपको कोई संदेह जनक व्यक्ति लगे तो तुरंत इसकी सूचना पास खड़े पुलिस वाले को दे।

11. सबसे जरूरी बात सोढल मेले में आने वाले रास्ते पर कई रेलवे फाटक आते है अतः जो भक्त इन रास्तों से निकले वह ट्रैन के आने का खासतौर पर ध्यान रखे।

12.अगर आप हमारा यह सुझाव मान लें तो निश्चित ही आपको किसका फायदा मिलेगा, बस इतना करना है ..
मेले में जाने से पहले अपने छोटे बच्चे की जब में एक कागज पर अपना फ़ोन नंबर लिखकर जरूर डाल दे ताकि उसके आपसे बिछड़ जाने पर कोई सीधा आपसे सम्पर्क कर सके।