Election Commission: चुनाव आयोग आज सुप्रीम कोर्ट को बताएगा, आपत्तिजनक भाषणों पर क्या कार्रवाई हुई? – ec will reply to sc on what action initiated against hate speech

Election Commission: चुनाव आयोग आज सुप्रीम कोर्ट को बताएगा, आपत्तिजनक भाषणों पर क्या कार्रवाई हुई?

नई दिल्ली

चुनाव आयोग आज सुप्रीम कोर्ट को बताएगा कि प्रचार अभियान के दौरान आपत्तिजनक भाषद देने और धर्म-जाति के आधार पर वोट मांगने वालों पर उन्होंने क्या कार्रवाई की है। दरअसल एक याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग सीमित शक्तियों को लेकर नाखुशी जाहिर की थी। कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग से कहा था कि क्या आप ऐसी भाषा से निपटने में ‘दंतहीन’ हैं?दरअसल सुप्रीम कोर्ट सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन दलों और नेताओं पर कार्रवाई की मांग की गई थी, जो जाति और धर्म के आधार पर वोट मांगते हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा था, ‘मायावती ने अपने धार्मिक आधार पर वोटिंग करने वाले बयान के नोटिस का जवाब नहीं दिया है। आपने क्या किया?’ इस पर आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को कहा, ‘हमारी शक्तियां सीमित हैं।’

कई नेताओं पर आयोग की सख्ती

सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद चुनाव आयोग ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बीएसपी प्रमुख मायावती पर 48 और 72 घंटे तक चुनाव प्रचार करने की रोक लगाई थी। इसके कुछ घंटे बाद ही आयोग ने बीजेपी नेता मेनका गांधी और एसपी नेता आजम खान पर भी 48 और 72 घंटे तक चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई थी।

यह बोले थे आजम

आजम खान ने रामपुर लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के अलावा अधिकारियों को ‘तनखैया’ करके संबोधित किया था। आजम खान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि अधिकारियों से डरने की जरूरत नहीं है।

मेनका ने कहा था…

वहीं, सुलतानपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने प्रचार के दौरान मुसलमानों से कहा था, ‘चुनाव तो मैं जीत रही हूं, आप भी वोट दे देना वरना फिर काम कराने आओगे तब देखना।’ इन्हीं बयानबाजियों को संज्ञान में लेते हुए चुनाव आयोग ने इन दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इन्हें कुछ समय के लिए चुनाव प्रचार से बाहर कर दिया है।

योगी और माया ने दिया था बयान

बता दें कि देवबंद में एसपी-बीएसपी-आरएलडी गठबंधन की एक रैली के दौरान मायावती ने कहा था, ‘मुस्लिम मतदाताओं को भावनाओं में बहकर अपने वोट को बंटने नहीं देना है।’ इस बयान को लेकर कई पार्टियों ने नाराजगी जाहिर की थी। वहीं इस बयान के जवाब में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी ‘बजरंग बली और अली’ का जिक्र कर मायावती पर भी निशाना साधा था। योगी के इस बयान की भी काफी आलोचना हुई थी।

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